सुनसरी, नेपाल आदिवासी जनजाति पत्रकार महासंघ (फोनिज)के आयोजना और नेवाः पत्रकार राष्ट्रिय दबुके संयोजनमे तिसर अन्तर्राष्ट्रिय आदिवासी मात्रीभासा पत्रकार सम्मेलन–२०२६ आउँत सावन २४ से २७ गतेतक काठमान्डौंमे हुइ।
सम्मेलनमे २७ देशके लगभग ६० अन्तर्राष्ट्रिय मात्रीभासा पत्रकार अउ नेपालभरके लगभग ५०० पत्रकार, सञ्चारकर्मी, सञ्चार विज्ञ, अनुसन्धानकर्ता अउ मानवअधिकारकर्मी सहभागी हुइहेके आयोजक बतैले।

संयुक्त राष्ट्रसंघ (यूएन) सन् २०२२ से २०३२ तकके ‘आदिवासी भासाके अन्तर्राष्ट्रिय दशक’ घोषणा कइके आदिवासी भासाके संरक्षण, प्रवर्द्धन अउ पुनर्जीवनके अभियान चलावत रहल बेरा विश्व आदिवासी दिवस अउ फोनिजके २७औँ स्थापना दिवसके अवसरमे ई सम्मेलन आयोजना कइल जा रहल बा।
सम्मेलनमे फोनिजसे आबद्ध तामाङ पत्रकार संघ, किराँत राई पत्रकार संघ, तमु (गुरुङ) सञ्चारकर्मी संघ, थारु पत्रकार संघ नेपाल, मगर पत्रकार संघ, लिम्बु पत्रकार संघ और शेर्पा सञ्चार समूह सह–आयोजकके रूपमे सहभागी रहिहे।
आयोजकके अनुसार नेपालमे बहुते मात्रीभासा लोप होखेक स्थिति पहुँचल बा एकर संरक्षण, मात्रीभासा पत्रकारिताके व्यावसायिक विकास, भाषिक अधिकारके सुनिश्चितता और समावेशी सञ्चार प्रणालीके विकास करे उद्देश्यसे सम्मेलन आयोजना कइल जा रहल बा।

चार दिन चलिहे सम्मेलनमे आदिवासी मात्रीभासा पत्रकारिताके वर्तमान अवस्था, अवसर और चुनौती, पत्रकारके पेशागत अउ भौतिक सुरक्षा, डिजिटल युगमे मात्रीभासा सञ्चारके भविष्य, सञ्चार नीतिमे समावेशिता, भाषिक अधिकार, जलवायु परिवर्तन, जैविक विविधता और प्राकृतिक स्रोत सम्बन्धी आठगो विषयगत कार्यपत्र प्रस्तुत कइल जाई। एहिसँग प्यानल छलफल, अन्तरक्रिया अउ खुला विमर्श भी चलिहे।
फोनिजके महासचिव समीर बलामी कहले अनुसार ई सम्मेलन नेपालसहित विश्वभरके आदिवासी मात्रीभासा पत्रकारबीच अनुभव आदान–प्रदान, अन्तर्राष्ट्रिय सहकार्य, ज्ञान साझेदारी अउ साझा अभियान निर्माणके महत्वपूर्ण अवसर देई। एहिसे मात्रीभासा पत्रकारिताके दिगो विकास, पत्रकारके क्षमता अभिवृद्धि और अन्तर्राष्ट्रिय सञ्जाल विस्तारमे टेवा पुगिहे।
सम्मेलनमे फोनिजके देशभरके शाखासे लगभग ३०० प्रतिनिधि, नेवाः पत्रकार राष्ट्रिय दबुसे ४० प्रतिनिधि अउ विभिन्न जातीय पत्रकार संगठनसे १०० प्रतिनिधि सहभागी रहिहे।
सम्मेलनके अन्तिम दिन सावन २७ गते फोनिजके २७औँ स्थापना दिवस विशेष कार्यक्रमके साथ मनावल जाई। ओही अवसरमे मात्रीभासा पत्रकारितामे उल्लेखनीय योगदान देहलक पत्रकार और सञ्चारकर्मीके फोनिज अवार्ड प्रदान कइल जाई।

फोनिजके अध्यक्ष लक्की चौधरी कहले अनुसार सम्मेलनके समापनमे ‘काठमान्डौं घोषणापत्र’ जारी कइल जाई। घोषणापत्रमे मात्रीभासा पत्रकारिताके संरक्षण, प्रवर्द्धन, संस्थागत विकास, भाषिक अधिकारके सुनिश्चितता, आदिवासी सञ्चार माध्यमके सुदृढीकरण अउ पत्रकारके पेशागत सुरक्षाके साझा प्रतिबद्धता समेटल जाई। एहीसाथ आदिवासी जनजातिके अधिकार, मात्रीभासा पत्रकारिताके अभ्यास, उपलब्धि, चुनौती अउ भावी कार्यदिशा समेटल फोनिजके प्रतिवेदन भी सार्वजनिक कइल जाई।
आयोजकके अनुसार ई सम्मेलन खाली औपचारिक कार्यक्रम नइखे, बल्कि विश्वभरके आदिवासी मात्रीभासा पत्रकारके साझा आवाज मजबूत बनावे, भाषिक अउ सांस्कृतिक विविधताके संरक्षणमे सञ्चार माध्यमके भूमिका अझ प्रभावकारी बनावे अउ समावेशी, लोकतान्त्रिक और बहुभाषिक सञ्चार प्रणाली निर्माणमे महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित होई।
सम्मेलनके तयारी खातिर नेवाः पत्रकार राष्ट्रिय दबुसहित विभिन्न संघ–संस्थासँग लगातार छलफल अउ तयारी बैठक चलत रहल बा, एह बातके जानकारी फोनिजके महासचिव समीर बलामी देहले।